Friday, February 18, 2011

वो पूजा पूजा न रही



जिसको पूजा पूजा की तरह,
वो पूजा पूजा हो गयी ।
इसमें पूजा का दोष नहीं ,
हमारी पूजा मे ही कमीं रह गयी ।

जिसको पूजा अश्क बहा के,
वो पूजा अश्क धारा me पूजा हो गयी ।
वो पूजा पूजा न रही,
जो पूज के भी पूजी न गयी।

वो पूजा जिसे चाहा हमने,
वो पूजा पूजा न रही।
वो पूजा जिसे पूजा दिल से,
वो पूजा पूजा न रही।

4 comments:

राज भाटिय़ा said...

जिसको पूजा पूजा की तरह,
वो पूजा पूजा हो गयी ।
इसमें पूजा का दोष नहीं ,
हमारी पूजा मे ही कमीं रह गयी ।
बहुत गहरी बात कह दी आप ने इस पुजा के बहाने, धन्यवाद

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) said...

बहुत सुन्दर और शिल्ष्ट शब्द संयोजन!

Richa P Madhwani said...

http://shayaridays.blogspot.com

आशा जोगळेकर said...

पूजा को पूजा आपने
पर
वो पूजा पूजा ना रही ।

पूजा शब्द का सुंदर प्रयोग ।