Sunday, November 16, 2008

हमारा हाईटैक समाज

***** हमारा हाईटैक समाज*****

हम और हमारा समाज आज हाईटैक हो गया है. यह बात हर जगह देखी जा सकती है.

नेता हाईटैक हो गये हैं- 2 घंटे में गैर जमानती वारंट में जमानत मिल जाती है. untitled

महंगाई हाईटैक हो गई है- महंगाई दर कम होने पर भी महंगाई कम नहीं होती है.

आतंकवाद हाईटैक हो गया है- आतंकवाद अब हिन्दू और मुस्लिम हो गया है. हथियार तो पहले से ही थे.

टेकनोलॉजी हाईटैक हो गई है- अब प्रेमी अपनी प्रेमिका से चॉद को तोड़ लाने की नहीं चॉद पर रहने की बात करते हैं.

बच्चे हाईटैक हो गये हैं- बिना मोबाईल के स्कूल नहीं जाते हैं.

शिक्षा अब हाईटैक है- बिना कम्प्युटर के पढ़ाई नहीं हो पाती है.

चिकित्सा हाईटैक है- डॉक्टर विडिओ कांफ्रेंसिंग में चिकित्सा दे रहे हैं.

तनाव हाईटैक हो गया है- अब लोग तनाव में सीधे गोली-बारूद से बात करते हैं या फिर अपने आप को इनके हवाले कर देते हैं.

भिखारी भी हाईटैक हि गये हैं- जेब में मोबाईल रखते हैं और में 5-10 रूपये से कम नहीं लेते हैं.

भीख मांगने का तरीका हाईटैक हो गया है- अब भीख भी पर्चे बाटकर मांगी जाती है.

चुनाव प्रचार हाईटैक हो गये है- अब एस.एम.एस. और ई-मेल के माध्यम से जनता तक पहुँचा जा रहा है. 

आज के टेक्नोयुग में हमारी जीवन शैली बदल गई है. जीवन को सोचने, समझने, देखने, और जीने का अन्दाज़ बदल गया है. इन सबके बीच हम अपने भोलेपन को खो रहे हैं. प्रतिस्पर्धा की गति बड़ी है. स्वार्थ भावना बड़ी है. तनाव बड़ा है. अशांति बड़ी है. जीवन को पाने के लिए कहीं हम जीवन को खो रहे हैं.

3 comments:

विवेक सिंह said...

मेरी हाई-टेक शुभकामनाएं आपको .

राज भाटिय़ा said...

अजी सब कुछ हाई-टेक .....

sandeep sharma said...

लाजवाब लिखा आपने...