Monday, July 14, 2008

आज एक बसंत और पार कर लिया

*****आज एक बसंत और पार कर लिया *****





आज एक और बसंत पार करते हुए अपने पुराने दिनों को याद कर रहा हूँ.
अपनी परम्परा के अनुसार जन्मदिन मना लिया .
जिसमें पुआ, पूरी, सिंगल, बड़ा, खीर आदि का आनन्द लिया.
अब शाम को आधुनिक विधि से केक काटकर सेलिब्रेट करने का विचार है...
अब तो शाम होने का ही इंतजार कर रहा हूँ..
कहते हैं इंतजार का फल मीठा होता है..
कितना मीठा... इसका भी इंतजार है :)

5 comments:

online gambling said...

Alla hu akhbar!!!

अरुण said...

मुबारका :)

Udan Tashtari said...

Janam din ki bahut badhai evam shubhkamanaayen.

कामोद Kaamod said...

आप सभी का हार्दिक धन्यवाद

राज भाटिय़ा said...

जन्म दिन पर हमारी तरफ़ से शुभकानाये