भारत में अतिथि को भगवान माना जाता है. इसी को ध्यान में रखते हुए पर्यटन विभाग ने अतुल्य भारत अभियान चलाया. साथ ही अतिथि देवो भवः कहा गया. बीते साल भारत में लाखों की संख्या में विदेशी पर्यटक भी आये. पर्यटन के क्षेत्र में आय का अछ्छा स्रोत होते है पर्यटक. पर कुछ असमाजिक तत्वों के कारण भारतीय पर्यटन को नुकसान हुआ और भारत की छवि धूमिल हुई.
इसका मुख्य कारण विदेशी महिलाओं पर हुए यौन हमले हैं. पुस्कर में दो महिला पर्यटकों के साथ बलात्कार और छेड़छाड़ घिनोनी घटनायें हुई. जहाँ हज़ारों की संख्या में विदेशी पर्यटक पहुँचते हैं. यहाँ हुई घिनोनी घटना में एक पर्यटक ने आपना अपना मामला वापस ले लिया वहीं दूसरी महिला ने मामला दर्ज़ करा दिया. यहीं हुई एक घटना का मुख्य अपराधी मोहंती कानून की पकड़ से अभी बाहर है.
कुछ ऐसी ही घटना मुम्बई के इंडिया गेट के सामने बीते साल नववर्ष की पूर्व संध्या में हुई जहाँ दो भारतीय महिलाओं के साथ छेड़छाड़ की घटना हुई वहीं पुणे में हुई एक अन्य घटना में विदेशी महिला के साथ छेड़छाड़ की घटना सामने आई. जिससे जिससे भारत का सर शर्म से झुक गया.
इसका मुख्य कारण विदेशी महिलाओं पर हुए यौन हमले हैं. पुस्कर में दो महिला पर्यटकों के साथ बलात्कार और छेड़छाड़ घिनोनी घटनायें हुई. जहाँ हज़ारों की संख्या में विदेशी पर्यटक पहुँचते हैं. यहाँ हुई घिनोनी घटना में एक पर्यटक ने आपना अपना मामला वापस ले लिया वहीं दूसरी महिला ने मामला दर्ज़ करा दिया. यहीं हुई एक घटना का मुख्य अपराधी मोहंती कानून की पकड़ से अभी बाहर है.
कुछ ऐसी ही घटना मुम्बई के इंडिया गेट के सामने बीते साल नववर्ष की पूर्व संध्या में हुई जहाँ दो भारतीय महिलाओं के साथ छेड़छाड़ की घटना हुई वहीं पुणे में हुई एक अन्य घटना में विदेशी महिला के साथ छेड़छाड़ की घटना सामने आई. जिससे जिससे भारत का सर शर्म से झुक गया.
कुछ असमाजिक तत्वों के कारण विदेशी पर्य़टक भारत आने से कतराने लगे है.
क्या ऐसी धटनाओं से अतुल्य भारत और अतिथि देवो भवः का सपना साकार हो सकता है.
क्या ऐसी धटनाओं से अतुल्य भारत और अतिथि देवो भवः का सपना साकार हो सकता है.